मरदूद को मकबूल बनाना - Mardood Ko Maqbool Bana Diya Gause Azam Ne - Karamat E Gause Azam

 

मरदूद को मकबूल बनाना - Mardood Ko Maqbool Bana Diya Gause Azam Ne - Karamat E Gause Azam

मरदूद को मकबूल बनाना→


नकल है कि सय्यिदिना आज़म रहमतुल्लाहि अलैहि के ज़माने में एक वली की विलायत सल्ब (ख़त्म) हो गई और सब उसे मरदूद कहने लगे। 


उसने तीन सौ साठ औलिया-ए-कामिलीन से इल्तिजा की और सबने उसके लिए अल्लाह तआला की बारगाह में सिफारिश की लेकिन किसी की सिफारिश कुबूल न हुई। 


उन्होंने उसका नाम लौहे महफूज़ में अश्किया की लिस्ट में देखा तो उसे ख़बर दी कि तुम कभी फ्लाह न पा सकोगे, फिर उसका चेहरा स्याह हो गया। 


आखिरकार वह सय्यिदिना गौसे आज़म रहमतुल्लाहि अलैहि की बारगाहे अक्दस में हाज़िर हुआ। आपने फरमाया अगर तू मरदूद हो गया है 


तो मैं खुदाए बुजुर्ग के इज़न से मकबूल बना सकता हूँ। फिर आपने उसके लिए दुआ की, निदा


आई क्या तुम नहीं जानते कि तीन सौ साठ औलिया ने उसके लिए सिफारिश की थी, मैं उसका नाम लौहै महफूज़ में शकी बदबख़्त लिख चुका हूँ। 


सय्यिदिना गौसे आज़म रहमतुल्लाहि अलैहि ने अर्ज किया, इलाही ! तू मरदूद को मकबूल और मकबूल को मरदूद बनाने पर कादिर है। निदा आई, ऐ अब्दुल कादिर!


उसे मैंने तेरे सुपुर्द कर दिया जो चाहे बना दे। तुम्हारा मरदूद मेरा मरदूद और तुम्हारा मकबूल मेरा मकबूल है।


(तफ़रीहुल ख़ातिर, पेज 48)


तशरीहः- सय्यिदिना गौसे आज़म रहमतुल्लाहि अलैहि को औलिया में यह मकाम हासिल है कि तकदीरे मुबरम (अटल) को भी मकामे महबूबियत में तब्दील करवा देते हैं।

MUHAMMAD SAQIB

My Name Is Muhammad Saqib Raza Qadri Qureshi ( SAQIB QADRI ASJADI ) From PILIBHIT Nearest Bareilly Uttar Pradesh India 262001 | I am currently pursuing Bachelor of Arts

Post a Comment

Previous Post Next Post