कुर्सी पर बैठ कर नमाज़ पढ़ना कैसा हैं?
सवाल: आज कल देखा जाता है कि कुछ बुजुर्ग लोग मस्जिद में कुर्सी पर नमाज़ पढ़ते है, हालांकि वो घर से अपने पैरों पर चल कर आते है तो क्या ऐसे शख्श की कुर्सी पर नमाज़ हो जाएगी*
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हाफ 👕 में नमाज़ पढ़ना कैसा है ?
जवाब: ऐसा करना बिल्कुल दुरुस्त नहीं है इसलिए की खड़े होने से कुछ तकलीफ़ होना उज्र नहीं बल्कि कयाम उस वक्त साकित होगा कि खड़ा न हो सके या सजदा न कर सके या खड़े होने में सजदा करने में जख्म बहता है या खड़े होने में कतरा आता है या चौथाई सित्र खुलता है या किरअत से मजबूर महज़ हो जाता है, यूंही खड़ा हो सकता है मगर उस से मर्ज़ में ज्यादती होती है या देर में अच्छा होगा या ना काबिले बर्दाश्त तकलीफ होगी तो बैठ कर पढ़े और अगर असा यानी स्टिक या खादिम या दीवार पर टेक लगा कर खड़ा हो सकता है तो फ़र्ज़ है कि खड़ा हो कर पढ़े अगर कुछ देर खड़ा हो सकता है अगरचें इतना ही खड़ा हो कि अल्लाहु अकबर कह ले तो फ़र्ज़ है कि खड़ा हो कर इतना कहें.!
📕(बहारें शरीयत जिल्द 01 हिस्सा 03 पेज 58 59)